प्रतापगढ़ : उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के महुली मंडी इलाके में बुधवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। करीब ढाई से तीन बजे के बीच एक 100 साल पुराना जर्जर मकान अचानक भरभराकर ढह गया। मकान के मलबे में दबने से एक ही परिवार के छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग तुरंत राहत कार्य में जुट गए।
माता-पिता, बेटा-बहू और दो मासूम बच्चों की मौत
हादसे में प्रमोद श्रीवास्तव (45), उनकी पत्नी रीता श्रीवास्तव (42), बेटे नितिन (24), बहू माधुरी (24) और दो मासूम बच्चों माधव (2) तथा छह माह के बाबू की मलबे में दबकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि परिवार के सभी सदस्य एक ही कमरे में सो रहे थे, तभी बारिश के दौरान मकान की छत अचानक गिर गई।
रातभर चला राहत और बचाव अभियान
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकालकर तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया। अधिकारियों के अनुसार मलबे में कुल सात लोग दबे थे, जिनमें से एक सदस्य सुरक्षित बच गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया और जिला प्रशासन को पीड़ित परिवार की हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य के साथ-साथ आर्थिक सहायता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
मकान की जर्जर स्थिति की जांच शुरू
सीओ सिटी आशुतोष मिश्रा ने बताया कि छह लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और घटना की विस्तृत जांच कराई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मकान काफी पुराना और जर्जर था तथा लगातार हो रही बारिश के कारण उसकी छत कमजोर हो गई थी। प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि मकान की स्थिति को लेकर पहले कोई शिकायत या चेतावनी दी गई थी या नहीं। इस हादसे ने पूरे प्रतापगढ़ जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है।
