बरेली में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के बरेली-मुरादाबाद मंडल का संयुक्त सम्मेलन, केंद्र सरकार की नीतियों पर साधा निशाना
बरेली : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) की बरेली एवं मुरादाबाद मंडल की संयुक्त बैठक मंगलवार को बरेली में आयोजित की गई। बैठक में 6 से 15 अगस्त तक प्रस्तावित पदयात्राओं तथा 1 सितंबर को दिल्ली में आयोजित होने वाली रैली की तैयारियों पर चर्चा की गई। सम्मेलन में बरेली, बदायूं, पीलीभीत शाहजहांपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, अमरोहा और संभल जिलों से पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय सचिव डॉ. गिरीश ने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी देशभर में “बदलाव ज़रूरी है” अभियान के तहत जनसंपर्क और पदयात्राएं निकालेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों से लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर हुई हैं, संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर संकट पैदा हुआ है, बेरोजगारी और महंगाई बढ़ी है।

राम मंदिर चंदा चोरी का उठाया मुद्दा
उन्होंने राम मंदिर चंदा चोरी के मुद्दे का भी उल्लेख करते हुए सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि इन मुद्दों को लेकर पार्टी जनता के बीच जाएगी। पार्टी के राज्य सचिव कामरेड अरविंद राज स्वरूप ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा, युवाओं को रोजगार, निजीकरण और उदारीकरण की नीतियों के विरोध को लेकर पार्टी व्यापक जनआंदोलन करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से 6 से 15 अगस्त तक होने वाली पदयात्राओं को सफल बनाने और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का आह्वान किया।

यह थे मौजूद
बैठक में राजेश तिवारी, सतीश सिंह, डी.डी. बेलवाल, गंगा सिंह, लाल बहादुर, रामभजन, शंकर लाल और छोटे लाल सहित कई नेताओं ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी कार्यक्रमों को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाने पर जोर दिया। सम्मेलन में पदयात्राओं की रूपरेखा, जनसंपर्क अभियान और 1 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित रैली में अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
