राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में रात तक चली पंचायत, कई जिलों से पहुंचे किसान और कार्यकर्ता; गन्ने के दाम से लेकर एमएसपी तक उठे मुद्दे
मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में गुरुवार रात किसान-मजदूर रात्रि महापंचायत का आयोजन किया गया। राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में हुई इस महापंचायत में आसपास के कई जिलों से बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता पहुंचे। आयोजकों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में पहली बार इस तरह की रात्रि महापंचायत आयोजित की गई। महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, खाप अध्यक्ष नरेश टिकैत और अन्य किसान नेताओं ने किसानों और मजदूरों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
गन्ने के दाम और एमएसपी गारंटी कानून की मांग
महापंचायत में किसानों की प्रमुख मांगों पर चर्चा हुई। इसमें गन्ने के दाम बढ़ाने, न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, बिजली संशोधन विधेयक वापस लेने और जमीनों के सर्किल रेट बढ़ाने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की लड़ाई केवल दिन में होने वाली बैठकों तक सीमित नहीं है। किसान रात में भी एकजुट होकर अपनी आवाज उठा सकते हैं।
राकेश टिकैत बोले- रात में भी लड़ी जाती है लड़ाई
राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की लड़ाई दिन में ही नहीं, बल्कि रात में भी लड़ी जाती है। उन्होंने रात्रि महापंचायत को किसानों और कार्यकर्ताओं की तैयारी से जोड़ते हुए कहा कि इसका उद्देश्य लंबे कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं की भागीदारी और संगठनात्मक क्षमता को मजबूत करना भी है। उन्होंने दक्षिण भारत के कई राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां रात के समय बैठकें और कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
रात 11 बजे तक चला किसानों के मुद्दों पर मंथन
महापंचायत में रात करीब 11 बजे तक किसानों के मुद्दों पर विचार-विमर्श चलता रहा। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। राकेश टिकैत के मुताबिक, रात्रि पंचायत का उद्देश्य केवल सभा करना नहीं है, बल्कि किसानों के बीच संवाद बढ़ाना और संगठन के साथ वैचारिक जुड़ाव मजबूत करना भी है।
गन्ने के उचित मूल्य का मुद्दा उठा
गन्ने के दाम को लेकर राकेश टिकैत ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब चीनी की कीमत बढ़ती है तो लोग ज्यादा सवाल नहीं उठाते, लेकिन किसानों को गन्ने का उचित मूल्य देने की बात आते ही कई तरह की चर्चा शुरू हो जाती है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलना चाहिए। महापंचायत में गन्ने के साथ आलू, गेहूं और अन्य फसलों से जुड़े किसानों के मुद्दे भी उठाए गए।
बिजली संशोधन बिल वापस लेने की मांग
राकेश टिकैत ने एमएसपी की कानूनी गारंटी को किसानों की प्रमुख मांग बताया। इसके साथ ही बिजली संशोधन बिल वापस लेने और जमीनों के सर्किल रेट बढ़ाने की मांग भी दोहराई गई।उन्होंने दिल्ली में चल रही डील को रद्द करने की मांग का भी जिक्र किया।
टिकैत ने सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी
केंद्र सरकार को लेकर राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को किसानों के मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार को सुधरना चाहिए और सीधे रास्ते पर चलना चाहिए, नहीं तो आंदोलन की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि आगे हर जिले में इसी तरह की बैठकें आयोजित की जाएंगी।
विचारों के जरिए किसानों को जोड़ने पर जोर
रात्रि महापंचायत के दौरान किसान नेताओं ने संगठन को मजबूत करने और अलग-अलग जिलों में किसानों से संवाद बढ़ाने पर जोर दिया। राकेश टिकैत ने इसे किसानों के बीच वैचारिक बदलाव की शुरुआत बताते हुए कहा कि विचारों के जरिए लोगों को जोड़ा और बदला जाएगा। महापंचायत में किसानों और कार्यकर्ताओं की एकजुटता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
